STORYMIRROR

Paramita Basak

Abstract

3  

Paramita Basak

Abstract

देश

देश

1 min
299

दूर कही भी जाये दिल

मुड़ के यहां पे आता है,


दुनिया भी घूम लो अगर

दिल स्वदेश कहा भूल पाता है।


अपनी मिट्टी खींचे हमको

दूर कही भी जाऊँ,


भारत मेरा जान से प्यारा 

वापस लौटके आऊँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract