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Paramita Basak

Abstract

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Paramita Basak

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देश

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दूर कही भी जाये दिल

मुड़ के यहां पे आता है,


दुनिया भी घूम लो अगर

दिल स्वदेश कहा भूल पाता है।


अपनी मिट्टी खींचे हमको

दूर कही भी जाऊँ,


भारत मेरा जान से प्यारा 

वापस लौटके आऊँ।


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