STORYMIRROR

AKIB JAVED

Inspirational

3  

AKIB JAVED

Inspirational

देश प्रेम

देश प्रेम

1 min
295

देश का नाम हमको करना है

साथ मिल जुलकर यार रहना है।


है मुहब्बत हमें वतन से अगर

सब रहे मिल के ये ही सपना है।


रहबर देश के मुलाज़िम हैं

क्यूँ भला उनसे हमको डरना है।


कैसा दुश्मन हो हम नहीं डरते

इस ज़माने से ये ही कहना है।


जान दे देंगे हम तिरंगे पर

अब हमें एक बन के रहना है।।


बस मुहब्बत ही हो ज़माने में

नफ़रतें अब ज़रा न सहना है।


धर्म-जाति के नाम पर 'आकिब'।

इस सियासत से अब न डरना है।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational