देश मेरा
देश मेरा
हमारे अधिकार तो है कुछ मौलिक कर्तव्य।
इनसे ही संभाव्य है ज़ब पहुँचें हम अपने गंतव्य।।
कई सारे सपने शहीदों के थे अपने देश के नाम।
कमाल के उन स्वप्नों के मिले अनोखे परिणाम।।
देशभक्तों ने निज अस्थियों,का कर डाला दाह।
और नौनिहालों को मिल सके आलोकित राह।।
मनसा वाचा कर्मणा एक लक्ष्य लोक कल्याण।
परोपकार में है यही शर्त जनता का बचाएं प्राण।।
अविचल ऐक्य अखंडता सब करें सुनिश्चित तत्त्व।
गरिमा मानव की रखें और अस्तित्व को दें महत्त्व।।
