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Sujata Khichi

Abstract

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Sujata Khichi

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देखो किस्मत

देखो किस्मत

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देखो किस्मत

जुआरी के पुत्र बन गए अधिकारी

देखो किस्मत

बिना परिश्रम 

खुली लाटरी आई लक्ष्मी


देखो किस्मत

पढ़े लिखे फिरते है 

बेरोजगार नही है कमाई

देखो किस्मत


अनपढ़ करते ठेकेदारी

बांध कमीशन करे कमाई

देखो किस्मत

फर्जी बन गए नेता, मंत्री

राज कर रहे शोहरत पाई


देखो किस्मत

बाबाओं ने धूनी छोड़ी 

सांग भर रहे 

जनता की मति भरमाई।


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