ड्रैगन देश चीन की चालबाजी
ड्रैगन देश चीन की चालबाजी
कहलाताहै चीनी ड्रैगन देश
उसकी हरकतें भी हैं वैसी।
जैसी होती काल्पनिक ड्रैगन की।
आग उगलता भयंकर छिपकली का वंशज है।
यह इससे भयानक कोई ना प्राणी ऐसा दुनिया कहती है।
इसकी उत्पत्ति पर शक है।
सदियों से चली आ रही कल्पना को यह सच कर जाता है।
चीन देश का यह शक्ति का प्रतीक है।
चीन देश की हरकतें ऐसी जैसी ड्रैगन की होती है।
हर किसी को खा जाने की उसकी मंशा होती है।
हर देश को बर्बाद करना यह मंशा होती है।
इसीलिए तो वह चालबाज चीन कहलाता है।
कभी किसको बर्बाद करने कभी किसको बर्बाद करने
कभी दुनिया का सर्वशक्तिमान बनने करी बहुत चालबाजी है
उसने मगर 2020 में तो
इस चीन की चालबाजी से पूरी दुनिया में तबाही आ गई है।
छोटे से वायरस कोरोना को पैदा कर फैलाया पूरे संसार में।
खुद शांति से रह रहे हैं और तबाही पूरी दुनिया में मचाई
इससे बड़े चालबाज और क्या होंगे।
अपनी लकीर बड़ी करने के लिए दूसरे को ही छोटा कर दिया।
मगर बचकर कहां जाएंगे।
सब यहीं कहीं रह जाएगा।
ना गोली ना बंदूक एक छोटे से वायरस से
तबाह कर दिया इस चालबाज ने पूरे संसार को।
इससे बड़ा कोई चालबाज हो ही नहीं सकता।
यह कोरोनावायरस आज भी लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा।
वापस वापस दिखा कर चला जाता है।
अपने अपने नए स्वरूप में रंग दिखलाता है।
इसने चीन को भी नहीं छोड़ा कहते हैं ना।
कहते हैं ना जो गड्ढा खोदेगा वह खुद भी उसी में गिर जाएगा।
और मुंह की खाएगा।
सच इस कहावत ने सच का रास्ता दिखाई दिया।
चीन में भी बर्बादी का मंजर दिखा ही दिया।
मगर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा।
लगता है उसको मजा चखाने वाला कोई
नया ड्रेगन का आविष्कार करना ही पड़ सकता
कहलाता आखिरी ड्रैगन। काश ऐसा हो सकता
तो विश्वशांति वापस लाने की तरफ एक नया कदम हो सकता।
