Neer N
Abstract Drama Others
लोग ढोंग भी
कितने ढंग से
कर लेते हैं
और हमसे सच भी
सलीके से कहा
नहीं जाता!
मां....
दवा
नीर
दोस्त....
तुम मुझे पढ़ ...
मुझे पसंद नही...
खूबसूरत
तुम्हारे खत.....
बेख्याली का ख...
सभी किरदारों को निभाते हुए जीवन उनका भी कठिन होता है। सभी किरदारों को निभाते हुए जीवन उनका भी कठिन होता है।
अपने स्वार्थ के लिए उसको कैद कर दिया, छीनकर आसमान उसका उसे पिंजरा दे दिया, अपने स्वार्थ के लिए उसको कैद कर दिया, छीनकर आसमान उसका उसे पिंजरा दे दिया,
बातों की ये घुट्टी, हर दिन घिस कर, उसे चटायी जाती हैं l बातों की ये घुट्टी, हर दिन घिस कर, उसे चटायी जाती हैं l
क्यों इतनी दूरियां सी हो गई है आखिर ये मजबूरियां और बेबसी क्यों क्यों इतनी दूरियां सी हो गई है आखिर ये मजबूरियां और बेबसी क्यों
बीमारी से लड़ता जीवन संग्राम बेरोजगार नौजवान।। बीमारी से लड़ता जीवन संग्राम बेरोजगार नौजवान।।
पुरुष यशोधरा भी नहीं बन सकता I स्त्रियां भी बुद्ध नहीं हो सकती पुरुष यशोधरा भी नहीं बन सकता I स्त्रियां भी बुद्ध नहीं हो सकती
एक अटल चट्टान की भांति टिका हुआ हूं, फिर भी लोग कहते है कि, समय बहुत बदला सा नजर आ एक अटल चट्टान की भांति टिका हुआ हूं, फिर भी लोग कहते है कि, समय बहुत बदल...
होंठों पर पपड़ियां न जमने देना कि मेरे छूते ही ख़ून की बूंदें टपकने लगें। होंठों पर पपड़ियां न जमने देना कि मेरे छूते ही ख़ून की बूंदें टपकने लगें।
विज्ञान ने हर क्षेत्र में कर ली कितनी तरक्की, विज्ञान पर ही तो चल रही दुनिया की चक्की। विज्ञान ने हर क्षेत्र में कर ली कितनी तरक्की, विज्ञान पर ही तो चल रही दुनिया ...
पर कहाँ मोरी निंदीया मेरे नैना रातें जागी। पर कहाँ मोरी निंदीया मेरे नैना रातें जागी।
मित्रता की क्या पहचान इस बात से हूँ अभी तक अंजान। मित्रता की क्या पहचान इस बात से हूँ अभी तक अंजान।
विश्वास के धागों से बंधी ये दोस्ती अनमोल दौलत होती है। विश्वास के धागों से बंधी ये दोस्ती अनमोल दौलत होती है।
कि नजरों के सामने वो गाड़ी में चली गई, और मै बस देखता रहा। कि नजरों के सामने वो गाड़ी में चली गई, और मै बस देखता रहा।
केवल और केवल भरत का भारत, हिंदुस्तान था।। “जय हों” हम फिर मिलेंगे, मिलते रहेंगे। केवल और केवल भरत का भारत, हिंदुस्तान था।। “जय हों” हम फिर मिलेंगे, मिलते रहे...
थक जाता तन-मन जीवन भर पैसा कमाने में, जिंदगी बीत जाती है दुनिया को ही दिखाने में, थक जाता तन-मन जीवन भर पैसा कमाने में, जिंदगी बीत जाती है दुनिया को ही दिखाने ...
हम जो सोच नहीं सकते थे उसने एक प्रयास किया , महाकाल को हर लेने का खुद पे था विश्वास कि हम जो सोच नहीं सकते थे उसने एक प्रयास किया , महाकाल को हर लेने का खुद पे था व...
आसान नहीं, लांघना चौखट संस्कारों की, तो पहले संस्कारों की, शुरू पाठशाला हो जाए, आसान नहीं, लांघना चौखट संस्कारों की, तो पहले संस्कारों की, शुरू पाठशा...
आज कहां कोई शिष्य गुरु के चरणों में शीश नवाता है आज कहां कोई शिष्य गुरु के चरणों में शीश नवाता है
हाँ अब काफी साल बीत गए पुरानी बातों को याद करके हाँ अब काफी साल बीत गए पुरानी बातों को याद करके
राशियों की चाल पर ग्रह थिरकते रहे सुब्ह होती रही रात ढलती रही ।। राशियों की चाल पर ग्रह थिरकते रहे सुब्ह होती रही रात ढलती रही ।।