Anita Lodhi
Children
चंदा मामा गोल - मटोल,
कुछ तो बोल, कुछ तो बोल।
कल थे आधे, आज हो गोल,
खोल भी दो अब अपनी पोल।
रात होते ही तुम आ जाते,
संग साथ सितारे लाते।
लेकिन दिन में कहाँ छिप जाते,
आत्मबल
जिंदगी
मैं खुद में प...
आजादी
दोस्त
दीवारों पर
अर्थ जब खोने ...
बेटियाँ
प्रकृति
पानी और धूप
बोला कि ये अनमोल रूबी मुझे दे जा, पर गुरु का आदेश नहीं था, वो व्यक्ति आगे चला गया। बोला कि ये अनमोल रूबी मुझे दे जा, पर गुरु का आदेश नहीं था, वो व्यक्ति आगे चला ग...
बचपन में तेरी उंगली पकड़कर चलना, गोदी की पालकी में सुकून से पलना, तेरी लोरी में चाँद तारों से मिलना, ... बचपन में तेरी उंगली पकड़कर चलना, गोदी की पालकी में सुकून से पलना, तेरी लोरी में च...
जिक्र हो होली का महफिल में, तो नवोदय का नाम अपने आप ही आता है। जिक्र हो होली का महफिल में, तो नवोदय का नाम अपने आप ही आता है।
जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा, जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा,
माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़वा। माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़व...
क्या वास्तव में हम इंसान समय की यात्रा कर सकते हैं? समय सीमा पार कर, भूत और भविष्य में? क्या वास्तव में हम इंसान समय की यात्रा कर सकते हैं? समय सीमा पार कर, भूत और भवि...
जाने क्या क्या लिख जाता है वो प्रेम सुहाना बचपन का मुझे बचपन याद दिलाता है। जाने क्या क्या लिख जाता है वो प्रेम सुहाना बचपन का मुझे बचपन याद दिलाता...
हमेशा होती रहे, माँ-बाप के दुआओं की बारिश। हमेशा होती रहे, माँ-बाप के दुआओं की बारिश।
कोई तारें बिछा दो फोन की भगवान के घर तक,मुझे माँ तक बात पहुंचानी है। कोई तारें बिछा दो फोन की भगवान के घर तक,मुझे माँ तक बात पहुंचानी है।
बिन मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते। बिन मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते।
पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी
पीना मुश्किल हुआ है देखो, नल से कब जल आयेगा। पीना मुश्किल हुआ है देखो, नल से कब जल आयेगा।
आज ये एक दुःख़द कल्पना है बच्चों ,तुमसब बच्चे यदि न चेते तो ये कजल की भयवाह सच्चाई है ,अपने जीवन में... आज ये एक दुःख़द कल्पना है बच्चों ,तुमसब बच्चे यदि न चेते तो ये कजल की भयवाह सच्च...
जो ऊपर गतिमय भीतर शांत रहेगा वहीं समंदर कहलाएगा । जो ऊपर गतिमय भीतर शांत रहेगा वहीं समंदर कहलाएगा ।
माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा, माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा,
गिर जाते हैं मिट्टी में दाने, सूखे फल जो जमा कर रखे थे गिलहरी ने आने वाले समय के लिए टहनियों के ... गिर जाते हैं मिट्टी में दाने, सूखे फल जो जमा कर रखे थे गिलहरी ने आने वाले समय...
मिल सकता है तुम को भी आदर और सम्मान। मिल सकता है तुम को भी आदर और सम्मान।
पेरेंट्स की समझ में भी यह फंडा आया बचपन की हिफाजत कर मैं मन ही मन मुस्कुराया। पेरेंट्स की समझ में भी यह फंडा आया बचपन की हिफाजत कर मैं मन ही मन मुस्कुराया...
बेटियाँ इन्हें कमजोर न समझो बहुत मजबूत होती है बेटियां। बेटियाँ इन्हें कमजोर न समझो बहुत मजबूत होती है बेटियां।
बरगद होने के बाद तुम समझोगे प्रकृति और माँ को। बरगद होने के बाद तुम समझोगे प्रकृति और माँ को।