Anita Lodhi
Children
चंदा मामा गोल - मटोल,
कुछ तो बोल, कुछ तो बोल।
कल थे आधे, आज हो गोल,
खोल भी दो अब अपनी पोल।
रात होते ही तुम आ जाते,
संग साथ सितारे लाते।
लेकिन दिन में कहाँ छिप जाते,
आत्मबल
जिंदगी
मैं खुद में प...
आजादी
दोस्त
दीवारों पर
अर्थ जब खोने ...
बेटियाँ
प्रकृति
पानी और धूप
हम है खेल खिलाड़ी, ना बनाओ हमारे प्रोजेक्ट तुम ओ मम्मी पापा, जो मिले स्कूल से प्रोजेक्ट हमे घर बनाने... हम है खेल खिलाड़ी, ना बनाओ हमारे प्रोजेक्ट तुम ओ मम्मी पापा, जो मिले स्कूल से प्...
गुड़िया तुम सांसो में हो...मेरे ख़्यालों की तदबीर हो तुम..तेरे बैगर गुड़िया मेरी तकदीर नहीं गुड़िया तुम सांसो में हो...मेरे ख़्यालों की तदबीर हो तुम..तेरे बैगर गुड़िया मेरी तक...
कन्या भ्रूण हत्या अपराध है.. कन्या भ्रूण हत्या अपराध है..
मैं तो जल की एक धारा था, मुझे नहीं था मालूम, किस तरह था मुझको बहना मैं तो जल की एक धारा था, मुझे नहीं था मालूम, किस तरह था मुझको बहना
बचपन की उस याद में ढेर सारे सपने थे , सब कुछ अच्छा लगता। बचपन की उस याद में ढेर सारे सपने थे , सब कुछ अच्छा लगता।
कभी शरारत कभी अडिगपन, कभी-कभी वो इठलाना कभी-कभी झट पट जा कर, माँ की गोदी में छुप जाना........ कभी शरारत कभी अडिगपन, कभी-कभी वो इठलाना कभी-कभी झट पट जा कर, माँ की गोदी में छुप...
सर्दी का एक अलग ही मजा है, कंपकंपाती ठंड में एक गर्म प्याली चाय जो आनंद देती। सर्दी का एक अलग ही मजा है, कंपकंपाती ठंड में एक गर्म प्याली चाय ज...
कोई लौटा दे फिर वही दिन... कोई लौटा दे फिर वही दिन...
बालपन में खिलौने से खेलने के उम्र में मजबूरी जब कचरे के ढ़ेर पर रोटी तलाशती है तब। .... बालपन में खिलौने से खेलने के उम्र में मजबूरी जब कचरे के ढ़ेर पर रोटी तलाशती है ...
आज की नई नई तकनीक के साथ-साथ आज की युवा पीढ़ी की सोच में भी बदलाव आया है ।आज दुख-दर्द का अहसास और भ... आज की नई नई तकनीक के साथ-साथ आज की युवा पीढ़ी की सोच में भी बदलाव आया है ।आज दु...
तुम्हारा काम है निशान कागज पर छोडना, पेन्सिल थी उदास कहा अब हैं मुख मोड़ना। मुझे तो बस दूसरे के हा... तुम्हारा काम है निशान कागज पर छोडना, पेन्सिल थी उदास कहा अब हैं मुख मोड़ना। मु...
हमारे पास दिल होता है उसकी सुनते हैं, उसी का कहना मानते हैं। हमारे पास दिल होता है उसकी सुनते हैं, उसी का कहना मानते हैं।
प्रक्रति ने हमें वायु, जल, पृथ्वी, वनस्पति आदि प्रदान किये हैं, जिनका दिन-प्रतिदिन क्षरण हो रहा है। ... प्रक्रति ने हमें वायु, जल, पृथ्वी, वनस्पति आदि प्रदान किये हैं, जिनका दिन-प्रतिद...
बचपन - एक सुनहरा पल बचपन - एक सुनहरा पल
खुद पर्दे के पीछे रह कर मुझे पढ़ना और बढ़ना सिखाया, खुद पर्दे के पीछे रह कर मुझे पढ़ना और बढ़ना सिखाया,
स्कूल की छुट्टी होते ही बच्चों को पंख लग जातें हैं स्कूल की छुट्टी होते ही बच्चों को पंख लग जातें हैं
यह कविता मासूम बचपने को दर्शाती है... यह कविता मासूम बचपने को दर्शाती है...
खेल को खेल जानकर खेलती हुई कविता , खोलती,टटोलती हर दम खेल खेलती जिंदगी .... हम खेल खेलते हैं .......... खेल को खेल जानकर खेलती हुई कविता , खोलती,टटोलती हर दम खेल खेलती जिंदगी .... हम ख...
कॉलेज का पहला दिन कितने सपनों का बोझ लेकर आता है जैसे कोई आकार उकेरना हो स्वेटर पर, और हम उलझे होते... कॉलेज का पहला दिन कितने सपनों का बोझ लेकर आता है जैसे कोई आकार उकेरना हो स्वेटर...
जितनी ज्यादा उम्र उतना अनुभव जितनी ज्यादा उम्र उतना अनुभव