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सोनी गुप्ता

Children Stories Inspirational

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सोनी गुप्ता

Children Stories Inspirational

मेरे स्कूल की यादें

मेरे स्कूल की यादें

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आज मुझे अपने स्कूल की याद बहुत आती है,

कहाँ गए वो दिन स्कूल के जो लगते प्यारे थे,

कहाँ गए हैं वो झूले जहाँ दोस्त झूलते सारे थे,

मन में एक टीस लिए किसी से कुछ न कहते हैं,

आज घर में चुपचाप जो धमाचौकड़ी मचाते थे,

वो खेल का मैदान हमें आज बहुत याद आता है,

रह –रहकर आज हमें स्कूल की याद दिलाता है,

वो हमारा प्यारा स्कूल हमें बहुत याद आता है I


लॉकडाउन से पहले विनती होती मम्मी से हमारी,

कभी तो छुट्टी भी करा दो ओ मम्मी मेरी प्यारी,

आज लॉकडाउन में घर बैठकर हो गए हैं परेशान,

स्कूल जाना हमें कुछ तो निकालो इसका समाधान,

रोज –रोज घर पर रहकर पढ़ना आफ़त भारी है,

स्कूल की याद है आती जब से छाई ये महामारी है,

छुट्टी वाला सन्डे हमको पहले बहुत ही सुहाता था,

अब रोज की छुट्टी हमको जरा भी रास नहीं आता है,

 वो हमारा प्यारा सा स्कूल हमें बहुत याद आता है I


हम सब बच्चे स्कूल को याद करते हो रहे परेशान हैं,

न ही दोस्त और ना ही दिखता वो खेल का मैदान है,

घर पर अपने ही कैद हो गए टी.वी. देखकर थक गए,

खुली हवा में जीना है अब तो हमको स्कूल जाना है,

स्कूल में मिली शिक्षा से ही बचपन जहाँ संवारता है,

आज वो शिक्षा कम्पूटर मोबाइल से कहाँ मिलता है,

मेरी क्लास का वो बोर्ड, वो चाक सब याद आता है,

वो हमारा प्यारा सा स्कूल हमें बहुत याद आता है I


ईश्वर से करते प्रार्थना सब कुछ अब ठीक हो जाए,

घर से बाहर निकलकर हम सब फिर से स्कूल जाए,

फूलों से कोमल हम बच्चे स्कूल को अपने याद करते है,

सुखद और सहज हमारा बचपन जो स्कूल में खिलते हैं,

नैतिकता के सभी गुणों का पाठ हमने यहीं से सीखा है,

वो गुरु जो देते उत्तम शिक्षा हमको वो सब याद आता है ,

वो हमारा प्यारा सा स्कूल हमें बहुत ही याद आता है I


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