STORYMIRROR

Mahavir Sodha

Action Thriller Others

3  

Mahavir Sodha

Action Thriller Others

चल पड़े

चल पड़े

1 min
177

देखें ख़्वाब बड़े ऊंचे और घने

अकेले ही हम चल पड़े


निरंतर ही चले हो खड़े

गिर पड़े कई बार गिरे 

हुए खड़े फिर चले


रास्तों से ना कभी डरे

हम निरंतर चल पड़े


सूर्य के तेज से भी बड़े

है हमारे सिलसिले

हम चले, तुम चले

निरंतर चलते रहे। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action