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Jai Singh(Jai)

Inspirational

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Jai Singh(Jai)

Inspirational

"छोड़ दो अपने व्यसन "

"छोड़ दो अपने व्यसन "

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व्यसन अपने छोड़ दो,होश करो श्री मान

बीड़ी हुक्का सिगरेट , बनें रोग की खान

बनें रोग की खान , नाश शरीर का करते

गुटखा खन्नी मद्य , ज्ञान विवेक सब हरते

खूब रहे तुम जान ,उजड गया इनसे चमन 

करो क्लेश का नाश ,छोड़ दो अपने व्यसन।


      


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