चौपाई
चौपाई
चौपाई ***** श्रम के वीर हमीं कहलाते। नहीं कर्म अपने कतराते।। हर मुश्किल से हम लड़ जाते। फिर भी श्रम का मोल न पाते।। हमको भी सम्मान मिला है। खून पसीना रोज बिका है ।। फिर भी हमें डरा न पाता। श्रम से अपना रिश्ता नाता।। सत्कर्मो की जीवन पूँजी। इसके सिवा और क्या दूजी।। मान धरोहर सबसे प्यारी। फँस मत जाना दुनियादारी।। सुधीर श्रीवास्तव
