सायली छंद
सायली छंद
सायली छंद ********* हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है कभी सोचा आपने। व्यर्थ क्यों करते जीवन अनमोल है तय कीजिए सार्थकता। उद्देश्य छोटा सा मेरे जीवन का, करना चाहता देहदान। बुलबुला पानी का हमारा आपका जीवन कुछ कीजिए नि: स्वार्थ। मरना सबको है आखिर एक दिन फिर कैसा घमंड। आये खाली हाथ जाओगे भी ऐसे फिर क्यों करें संग्रह। आपका कुछ नहीं इस दुनिया में आये बनकर किराएदार। काश ऐसा होता जीवन भर पापमुक्त छोड़ पाता जीवन। सुधीर श्रीवास्तव
