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Seema Wadhwani

Abstract Children

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Seema Wadhwani

Abstract Children

चांद

चांद

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मन करता है चांद सा बन जाऊं,

चांद बनकर ऊंचा ऊंचाई तक पहुंचु,

चांद बनकर सारी दुनिया को ,

जगमगाता देंखू।


व्यवहार रखूंं तो सर्वश्रेष्ठ,

बस चमकता ही रहूं,

अंधेरे में भी जांंगूू।

मन करता है चांद सा बन जाऊं।


कभी पूर्णिमा बनकर चमकू।

तो कभी अमावस्या बनकर छिप जांंऊ,

लका छिपी खेलूं तारोंं के साथ,

सबका चंदा मामा जो हूं,  

मन करता है चांद सा बन जाऊं।


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