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Anjneet Nijjar

Abstract

3  

Anjneet Nijjar

Abstract

चाँद

चाँद

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202

सूरज सी जलन क्यों है तुझमें

क्यों नही शीतलता चांद सी

क्या मुश्किल है इतना

सूरज का चांद में बदल जाना

मुझे लगता है

मुश्किल है चांद होना,

उधार की चमक से भी

अंजान होना ,शांत होना

बनाए रखना अपना स्वभाव।


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