चाहत तेरी....
चाहत तेरी....
ये नासमझी है हमारी या,
देती है ये हमारे दिल को राहत,
कभी बना सबक का जरिया,
कभी बनी नादानी हमारी,
भेजा था जिसे ज़िंदगी में हमारी,
एक खुशियों की चाभी बना कर,
काश हमारी जिंदगी में,
तुम फिर जो लौट आए,
मुझमे मेरा हिस्सा बन कर कभी,
आओ देखो वो यादों का खज़ाना,
जो अब तक संभाल कर रखा है हमने,
तुम्हारी यादों से , तुम्हारी बातों से, हर चीज़,
कैसे चुन चुन कर संभाला है हमने,
हर बात उन यादों से जुड़ी हैं,
काश शब्दों में हम,
बयां कर पाते चाहत तेरी.......

