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Rita Jha

Inspirational

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Rita Jha

Inspirational

चाहत धन की

चाहत धन की

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अपने पाँव उतने ही पसारो, जितनी लंबी चादर हो।

ख्वाहिशें बेहिसाब न पालो कि काले धन की चाहत हो।

अपनी दौलत, शोहरत बढ़ाने की खातिर करो न किसी का शोषण।। 

कृत्य ऐसा न करो कभी कि लग जाए जीवन में किसी के ग्रहण।


कठिनाइयों के दौर से गुजर कर जो आगे बढ़ता है,

जीवन फूलों की सेज की तरह उसी का होता है।

अत्याचार व व्यभिचार की सीढ़ी से जो ऊपर चढ़ा,

एक दिन वही 'एंटी करप्शन' के शिकंजे में फंसता है।


मेहनत व लग्न के बल पर जो कोई आगे बढ़ता है।

सुख की नींद जीवन में वही तो सदैव सो पाता है।

अन्यायी व व्यभिचारी की नींद तो सदा के लिए पराई होती है।

लूटे हुए माल की रखवाली में वो ताउम्र नींद गंवाता है।



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