STORYMIRROR

monika kakodia

Inspirational

3  

monika kakodia

Inspirational

बून्द बून्द अनमोल

बून्द बून्द अनमोल

1 min
281

बूँद बूँद है अनमोल

समझेगा कब इसका मोल,

व्यर्थ बहा ना कुछ तो तोल

सूखी नदियां ,नाले हैं

तालाबों पर ताले हैं

बन्द अक्ल के पट सब खोल

बूँद बूँद है अनमोल।

खुली नलों की टोंटी है

कई जगहों से टूटी है

कामचोरों की खोलो पोल

बूँद बूँद है अनमोल।

कर्तव्य ये सब का है

दोष भी हम सब का है

जल ही जीवन यह भी बोल

बूँद बूँद है अनमोल।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational