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Ranjana Sinha

Action


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Ranjana Sinha

Action


बुझनी नहीं चाहिए

बुझनी नहीं चाहिए

1 min 19 1 min 19

दिल में लगी जो आग है बुझनी नहीं वो चाहिए

बदलाव की उम्मीद भी मिटनी नहीं अब चाहिए


देखें नक़ाब अन-गिनत अब असलियत दिखलायेंगे

अभिमान जिस शोहरत का वो बुनियाद तक हिल जाएंगे


हो कौन तुम अस्तित्व क्या हम ज़लज़ला सैलाब हैं

कैसे करोगे चुप हमें हम मौत की आवाज़ हैं


सोया है जो वर्षों से वो तूफ़ान सा उठ जाएगा

और पाप का ये गढ़ भी अब बस तिनके से ढह जाएगा


दिल में लगी जो आग है बुझनी नहीं वो चाहिए

बदलाव की उम्मीद भी मिटनी नहीं अब चाहिए।


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