Arvina Ghalot
Comedy
साठ के पार हुआ कि
सनक ने आ घेरा,
दुख देने लगा पेट का
बढ़ता हुआ घेरा,
नहीं लगाई जो तूने
खाने पे लगाम,
तेरे घुटनों की हो जायेगी
बोल सिया राम,
चल भी नहीं पायेगा,
बस बैठकर पछताएगा।
लाल ओढ़नी
तुम कविता हो
बाकी हैं, उजा...
यादों की कंदी...
सावन झड़ी लाग...
मेरे हमसफ़र
इस दिल के किं...
विश्वास की डो...
सितम बिखरा पड...
मेरे अंगने मे...
बगल वाली अधेड़ औरत के जरा सा टच होते ही वह खा जाने वाली निगाहों से देखती थी बगल वाली अधेड़ औरत के जरा सा टच होते ही वह खा जाने वाली निगाहों से देखती थी
हर दिन हमारी आँखों के सामने, हमारे आसपास इंसानियत का कत्ल होता है और हम कुछ करना तो दूर कुछ कहते भी ... हर दिन हमारी आँखों के सामने, हमारे आसपास इंसानियत का कत्ल होता है और हम कुछ करना...
मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो
वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन। वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन...
कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे। कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे।
जब सच से पाला पड़ता तो घड़ों पानी पड़ता सिर पर फिर आती अक्ल ठिकाने। जब सच से पाला पड़ता तो घड़ों पानी पड़ता सिर पर फिर आती अक्ल ठिकाने।
मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सबकुछ जानते हुए भी तु... मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सब...
ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर। ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर।
बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ? बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ?
अब आप ही बताइए इसमें मेरा क्या है दोष। अब आप ही बताइए इसमें मेरा क्या है दोष।
ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया। ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया।
हुआ ऐसा 4,5 मकान छोड़ के सामने वाले घर में मैंने देखा किसी को लंबे बाल आगे लेकर पोंछते हुआ ऐसा 4,5 मकान छोड़ के सामने वाले घर में मैंने देखा किसी को लंबे बाल आगे लेकर ...
वरना सुनना पड़े, वो मंजवाती है बरतन, आप पैर दबवाओगे। वरना सुनना पड़े, वो मंजवाती है बरतन, आप पैर दबवाओगे।
पहले तो श्रीमती जी हड़बड़ाई फिर अपने पर उतर आईं। पहले तो श्रीमती जी हड़बड़ाई फिर अपने पर उतर आईं।
अणु परमाणु के विस्फोट से स्वयं मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ा अणु परमाणु के विस्फोट से स्वयं मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ा
खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है
मेरे कामों का लेखा जोखा, तुमको बतलाती हूं l आओ तुमको अच्छे से मैं, क ख ग सिखलाती हूँ मेरे कामों का लेखा जोखा, तुमको बतलाती हूं l आओ तुमको अच्छे से मैं, क ख ...
बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया। बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया।
एक कुत्ते के काटने से ही मर गई वह मेरे पास आया.. एक कुत्ते के काटने से ही मर गई वह मेरे पास आया..
जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !! जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !!