Arvina Ghalot
Comedy
साठ के पार हुआ कि
सनक ने आ घेरा,
दुख देने लगा पेट का
बढ़ता हुआ घेरा,
नहीं लगाई जो तूने
खाने पे लगाम,
तेरे घुटनों की हो जायेगी
बोल सिया राम,
चल भी नहीं पायेगा,
बस बैठकर पछताएगा।
लाल ओढ़नी
तुम कविता हो
बाकी हैं, उजा...
यादों की कंदी...
सावन झड़ी लाग...
मेरे हमसफ़र
इस दिल के किं...
विश्वास की डो...
सितम बिखरा पड...
मेरे अंगने मे...
ये तुम्हारी या मेरी नहीं अपनी, है ये कहानी घर-घर की। ये तुम्हारी या मेरी नहीं अपनी, है ये कहानी घर-घर की।
हर दिन हमारी आँखों के सामने, हमारे आसपास इंसानियत का कत्ल होता है और हम कुछ करना तो दूर कुछ कहते भी ... हर दिन हमारी आँखों के सामने, हमारे आसपास इंसानियत का कत्ल होता है और हम कुछ करना...
बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ करते है पर बच्चों की खुशी किसमें है यही पुछना हमेशा बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ करते है पर बच्चों की खुशी किसमें है यही पु...
आज सुबह सुबह दो बहनों में लड़ाई हो गई कॉलोनी के बीच चौराहे पर हाथापाई हो गई। आज सुबह सुबह दो बहनों में लड़ाई हो गई कॉलोनी के बीच चौराहे पर हाथापाई हो गई।
कल रात पूजा पंडाल मेंं अजीब बात हो गई। कल रात पूजा पंडाल मेंं अजीब बात हो गई।
बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है
चाहते हो शान्ति सुख व निरोग काया योग सभी को कर बांए। चाहते हो शान्ति सुख व निरोग काया योग सभी को कर बांए।
नेताजी की शेरवानी के बटन होल में नेताजी की शेरवानी के बटन होल में
शर्मा जी की घरवाली को एक दिन मिला बड़ा खज़ाना, बोले शर्मा जी क्या है यह माजरा ज़रा हमे शर्मा जी की घरवाली को एक दिन मिला बड़ा खज़ाना, बोले शर्मा जी क्या है यह माजरा...
अब आप ही बताइए इसमें मेरा क्या है दोष। अब आप ही बताइए इसमें मेरा क्या है दोष।
ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया। ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया।
हुआ ऐसा 4,5 मकान छोड़ के सामने वाले घर में मैंने देखा किसी को लंबे बाल आगे लेकर पोंछते हुआ ऐसा 4,5 मकान छोड़ के सामने वाले घर में मैंने देखा किसी को लंबे बाल आगे लेकर ...
प्रभु! क्षमा चाहता हूं आना तो मैं दिन में ही चाहता था, प्रभु! क्षमा चाहता हूं आना तो मैं दिन में ही चाहता था,
बिना शर्म के खुलम खुला सब को राज़ बताता हूँ। सुनो साथियो एक कहानी दिल की तुम्हें सुनात बिना शर्म के खुलम खुला सब को राज़ बताता हूँ। सुनो साथियो एक कहानी दिल की तुम्...
वरना सुनना पड़े, वो मंजवाती है बरतन, आप पैर दबवाओगे। वरना सुनना पड़े, वो मंजवाती है बरतन, आप पैर दबवाओगे।
बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता। बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता।
जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !! जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !!
और मुझे करे बदनाम,नाम... मैं देती इसको प्यार-प्यार,ये देतीं हैं मुझे कष्ट कष्ट। और मुझे करे बदनाम,नाम... मैं देती इसको प्यार-प्यार,ये देतीं हैं मुझे कष्ट कष्...
साँच को आंच नहीं आती, और झूठ के पांव नहीं होते। साँच को आंच नहीं आती, और झूठ के पांव नहीं होते।
अभी अभी बारिश के बीच सुरक्षित ठांव ढूंढ़ते ढूंढ़ते अभी अभी यमराज से मुलाकात हो गई। अभी अभी बारिश के बीच सुरक्षित ठांव ढूंढ़ते ढूंढ़ते अभी अभी यमराज से मुलाकात ह...