STORYMIRROR

Indu Karamunge

Romance

4  

Indu Karamunge

Romance

बस तू चाहिए

बस तू चाहिए

1 min
513

कलम पकड़ी है हाथ में

न जाने क्यों यह हाथ

लड़खड़ाने लगा है


देखा जबसे तुझको

दिमाग भी चमकने लगा है

लिखूं तेरे पर कुछ भी

शब्द डरने लगे हैं


जब से देखा हमने तुझे

खुद पर ध्यान रख ना सके है

सोचना चाहा तुझ पर

यह दिल जोर से धड़कने लगा है


एक अलग सी हंसी गुजरने लगी है

एक अलग सा अंदाज होने लगा है

न जाने क्या हो गया है मुझे

लगता है फोन में बस तेरी फोटो रहे


दिल पर बस तेरे नाम का टैटू रहे

बस तू चाहिए रिंगटोन सुनने लगे हैं

हमारे दिल में भी तू चाहिए गूंजने लगा है

दिमाग भी तू चाहिए कहने लगा है


बस तू चाहिए कुछ भी नहीं

करना हासिल हमें

हसीना है तू जिंदगी के

हम तेरे दीवाने हैं हम


बस तू चाहिए

बस तू चाहिए

तेरे लिए बेगाने हैं हम


बस तू चाहिए

बस तू चाहिए

तेरे ही दीवाने हैं हम

बस तू चाहिए।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance