STORYMIRROR

Indu Karamunge

Abstract

3  

Indu Karamunge

Abstract

जेस्ना मनाएंगे अब साथ साथ

जेस्ना मनाएंगे अब साथ साथ

1 min
177

साल नया है बात नहीं है

मेरे अपनों की साथ वही है

नए को आव्हान करो

पुराने को मेहमान करो


प्रेम को नए रास्ते दो

दुखों को उन्हीं रास्तों में दफना दो

अपनी यादों को फिर से नए बनाओ

बुरी यादों को भुला दो

जश्न से नया साल मनाओ।


नया साल नहीं खुशी

नया उमंग नहीं सोच

कुछ ऐसा ध्यास लेकर

बढ़ेंगे आगे इतिहास बनाने

जश्म से नया साल मनाने


सब चलेंगे साथ-साथ अब

मनाएंगे मिलाकर बात बात

आगे भी बढ़ेंगे अब साथ-साथ

जश्न मनाएंगे एक साथ साथ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract