STORYMIRROR

Jashanpreet kaur

Abstract

2  

Jashanpreet kaur

Abstract

बरसात का मोसम

बरसात का मोसम

1 min
164

मौसम आया, 

बरसात का आया , 

बारिश लाया l

मोर नचाया l

पकोडा बनाया, 

हलवा बनाया l

ड्डडु टपाया, 

राग बजाया l

खा खा, 

रज रज, 

गाना गाया


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract