STORYMIRROR

Bhumi Ladumor

Crime

4  

Bhumi Ladumor

Crime

बलात्कार

बलात्कार

1 min
185

सुनसान सड़कों पर लाइट है

बहुत लगा दी सरकार ने


मगर लड़की अकेली चल सके ऐसा

कोई कानून नहीं बना पाई है सरकार


सोच छोटी नहीं

वह मेरे कपड़ों को छोटा कहते हैं

बलात्कार करते हैं वह बलात्कारी नहीं

तो मुझे चरित्रहीन क्यों कहते हैं


वह जिस्म का भूखा

मोहब्बत के लिबास में मिलाया

पहचानती कैसे उसे

चेहरे पर चेहरा चढ़ा था।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Crime