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Abhishek Nema

Abstract

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Abhishek Nema

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बिटिया श्रृंगार

बिटिया श्रृंगार

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आओ मिलकर श्रृंगार कराये।

बिटिया रानी को दुल्हन बनाये।

बाबुल का लाड़ जताये।

नौलखा हार चढ़ाये।

माँ की सीख मीठी सौंधी।

समझ ले बिटिया माथ की बैंदी।

लाज की सुंदर सी नयानी।

अपनेपन की करधन पहनी।

संस्कार के वस्त्र सुहावे।

देख कली पुष्प खिलावे।

बेटी हमारी मृदु कुमारी।

स्वर्ण गहने शोभे भारी।

दूर देश का तरुण कुमारा।

वर ले बिटिया राजकुमारा।

मंगल बंधन ईश बनाई।

सोलह श्रृंगार देवी कराई।

सुखी जीवन का दिया वरदान।

वर वधू का हुआ कल्यान।

मंगल परिणय डोर सजेगी।

बिटिया विरहा नही सधेगी।

है दूजा धन अर्पण करना होगा।

मुस्कुराकर विदा करना होगा।



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