Anuj Pareek
Tragedy
जब आते हैं बीते लम्हें याद
शरीर की हर एक कोशिका पर,
होता है अजीब आघात।
प्रेम की सार्...
अमीर घर की औल...
सबसे खतरनाक ह...
थामना चाहता ह...
समझ क्यों नही...
इंसान
Kuch Tum Kaho...
यादों की गिरफ़...
मिला ही नहीं
खुशियों का सौ...
उस युग की तलाश में भटक रही है मेरी कल्पनाओं की पुकार... उस युग की तलाश में भटक रही है मेरी कल्पनाओं की पुकार...
बुझे हुए उस चूल्हे पर रखे खाली पतीले को देखा है। बुझे हुए उस चूल्हे पर रखे खाली पतीले को देखा है।
जो बीता है हर लम्हा तुम्हारे साथ ये वक्त अब कभी ना आएगा। जो बीता है हर लम्हा तुम्हारे साथ ये वक्त अब कभी ना आएगा।
धीमे-धीमे होने लगा परिवर्तन विचारधारा में, हृदय के भीतर दबी चिंगारी बदलने लगी, धीमे-धीमे होने लगा परिवर्तन विचारधारा में, हृदय के भीतर दबी चिंगारी बदलने लगी...
हम वो बदकिस्मत लोग थे, जो किसी के हुए नहीं, और कोई उनका हुआ नहीं। हम वो बदकिस्मत लोग थे, जो किसी के हुए नहीं, और कोई उनका हुआ नहीं।
अधर में लटका रिश्ते का सुंदरतम संसार और, शर्मिंदा अध्यात्म! अधर में लटका रिश्ते का सुंदरतम संसार और, शर्मिंदा अध्यात्म!
आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे यह कितने गर्व की बात है। आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे यह कितने गर्व की बात है।
आधुनिकता के दौर में भी, मानव मस्तिष्क कोअंधविश्वास ने आ घेरा है। आधुनिकता के दौर में भी, मानव मस्तिष्क कोअंधविश्वास ने आ घेरा है।
हर बार की तरह ये साल भी निकल गया कुछ अच्छे कुछ बुरे अनुभव दे गया। हर बार की तरह ये साल भी निकल गया कुछ अच्छे कुछ बुरे अनुभव दे गया।
बहुत जी लिया औरों का ख्याल रखकर। रिश्तो के इस रहस्यमई जंगल में अपने आप को खोकर। बहुत जी लिया औरों का ख्याल रखकर। रिश्तो के इस रहस्यमई जंगल में अपने आप को खोक...
थोड़े से वेतन के लिए अपनी जान गंवाकर तिरंगे रुपी कफ़न में लिपट घर चले आये। थोड़े से वेतन के लिए अपनी जान गंवाकर तिरंगे रुपी कफ़न में लिपट घर चले आये।
इस न्याय युद्ध में बनाया था उसने इन्हें हथियार हम सभी के लिए है वह प्रेरणा इस न्याय युद्ध में बनाया था उसने इन्हें हथियार हम सभी के लिए है वह प्रेरणा
ए!बुरे वक़्त, बस शुक्रिया कहना चाहती हुँ... बस शुक्रिया कहना चाहती हुँ। ए!बुरे वक़्त, बस शुक्रिया कहना चाहती हुँ... बस शुक्रिया कहना चाहती हुँ।
"पैसा है तो सब अपने हैं बिन पैसा सब सपने हैं।" "पैसा है तो सब अपने हैं बिन पैसा सब सपने हैं।"
कुछ तो सोचा होता बच्चे तूने ऐसा कदम उठाने से पहले..!! कुछ तो सोचा होता बच्चे तूने ऐसा कदम उठाने से पहले..!!
हमारा भी है अपना वजूद, हमें भी चाहिए बच्चों से सम्मान। हमारा भी है अपना वजूद, हमें भी चाहिए बच्चों से सम्मान।
दिल में कुछ टूट रहा था, सिसकता हुआ बहा रहा था वह आँसू, दिल में कुछ टूट रहा था, सिसकता हुआ बहा रहा था वह आँसू,
ना दिखती कोई उम्मीद ना कोई मददगार है........। ना दिखती कोई उम्मीद ना कोई मददगार है........।
याद रखेगा ये बलिदान आपका भारत एसा नेक काम कर गए। याद रखेगा ये बलिदान आपका भारत एसा नेक काम कर गए।
रहूंगी मैं नहीं तब तक तेरे साथ वो मितवा, तेरी आंखों में मैं तेरे सारे जज्बात देखूंगी।। रहूंगी मैं नहीं तब तक तेरे साथ वो मितवा, तेरी आंखों में मैं तेरे सारे जज्बात ...