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Anita Sudhir

Inspirational

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Anita Sudhir

Inspirational

बीता साल

बीता साल

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बीता साल 

बीता, पर

बीतने के लिए नहीं बीता!

मेरा भारत चलता रहा ,

लड़खड़ाता ,गिरता ,संभलता

कभी सही कभी गलत।


पर

ठहरा नहीं 

ठिठका नहीं

डरा नहीं !

कभी शून्यता में अटका नहीं।

भटकाव लिए भटका नहीं

सहता रहा वार 

सामने, कभी पीछे से 

रुका नहीं सहमा नहीं

बीते वर्षों में

मेरा भारत बस चलता रहा।


दुश्मन के घर तक गया

प्रचंड आंधी चली 

तिनका तिनका सब बिखर गये

लड़ता रहा अधिकार के लिए 

धारा से लड़ा

कुछ डरे कुछ डराये।


बीता साल मंदिर गया 

निर्णय लेता रहा

बीता साल मेरा भारत

चलता रहा, दौड़ता रहा

इस दौड़ने में कुछ धीरे धीरे 

सुलगता रहा 

और जाते जाते जलता रहा

आने वाला साल में

मेरा भारत

चलता रहे,दौड़ता रहे

सड़ा गला हटाना है

शिखर तक जाना है।



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