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Chandan Kumar

Abstract

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Chandan Kumar

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बिहार की माटी

बिहार की माटी

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बिहार दिवस पर कविता


 बिहार की माटी,

गंगा का पानी,

संस्कृति में बसती है

 यहाँ की कहानी।


चंपा, अशोक, बोधि की छाया,

 ज्ञान और धर्म का यह है साया।

 बुद्ध ने यहीं पर ज्ञान को पाया,

अशोक ने भी सत्य अपनाया।


नालंदा-तक्षशिला की जोत जलाए,

विद्या का दीपक सदा जलाए।

 खेत-खलिहानों की है ये धरती,

श्रम से संवारें इसे हर पार्टी।


 मधुबनी की रंगत निराली,

छठ की छवि लगे मतवाली।

 संघर्षों से सीखा है जीना,

हर मुश्किल में खुद को सँवारा।


गौरवशाली अतीत हमारा,

बिहार दिवस को करें

हम नमन दुबारा।


 "जय बिहार, जय भारत!"


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