STORYMIRROR

Vishtaspa Sethna

Tragedy

2  

Vishtaspa Sethna

Tragedy

भुला नहीं सकता तुम्हे !

भुला नहीं सकता तुम्हे !

1 min
3.1K



चहकर भी भुला नहीं सकते तुम्हे

ना ख्यालों से मीटा सकते है,

यादे तुम्हरी है कुछ अैसी

चाहकर भी तुम्हारे बिन रह नहीं पाता।

कुछ ऐसा बिटा हूं दोस्त

जो बार याद आता है,

नफरत करना चाहता हुं तुमसे

चाह कर भी कर नहीं पाता।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy