STORYMIRROR

Shyam Kunvar Bharti

Inspirational

4  

Shyam Kunvar Bharti

Inspirational

भोजपुरी कविता- बचावल ना गइल

भोजपुरी कविता- बचावल ना गइल

1 min
302

होत रहे ज़ोर सरेआम अबला

केहु मान बचावल ना गइल

ले लिहस कातिल जान

केहु पानी आँख बहावल ना गइल  


जात धरम देख करे राजनित

ई केवन नित चले लागल

मर्यादा हिन्दी मुस्लिम एक समान

केहु ज्ञान बतावल ना गइल


मजहब पसंद के चाही

छिंक आई त हो हल्ला मचावे लगिहे

आपन सरकार सजात गइल इज्जत

केहु धरना लगावल ना गइल


मुजरिम गैर जात उनका मूह ना खुली

केवनों अबला जानो इज्जत चल जाय

केहु हल्ला मचावल ना गइल

बेहू बेटी के इज्जत से का मतलब


भोट मिली की ना मिली जरूरी बा

अइसन मतलबी बेईमान नेता

केहु लात से लतियावल ना गइल

जब जाई इज्जत आपन बहू बेटी के 


देखिहे लोग उनकर कुदल फांदल

समाज के कलंक कल्लू

केहु बोटी बोटियावल ना गइल

औरत आबरु समान हिन्दू मुसलमान


मान बेटी स्वाभिमान देश के बात पते की

केहु साँच पतियावल ना गइल

बीच सड़क लूटा जाये इज्जत अबला

देखत रहे तमासा ई कइसन सरकार


पकड़ के मुजरिम बेड़ि में

केहु जेल धकियावल ना गइल।  


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational