भोजपुरी गीत- सावन के लहरिया
भोजपुरी गीत- सावन के लहरिया
घरवा आवा हमरे सईया सवरिया।
चला लुटल जा सावन के लहरिया।
तोहरे खातिर तरसे तोहार गोरकी गुजरिया।
चला लुटल जा सावन के लहरिया।
घरवा जब अईहा पिया हरी सड़िया ले अईहा।
सड़िया के संगवा हरी चूड़िया ले अईहा।
घिर आइल सगरो देखा कारी बदरिया।
चला लुटल जा सावन के लहरिया।
तोहरे बिना लगे पिया बीरान सारी दुनिया।
रिमझिम बरसे खेत खरिहान बरखा पनिया।|
बिरह मे बीतल जाता मोर सजल सेजरिया।
चला लुटल जा सावन के लहरिया।
रही रही घिरी आवे करियर बदरवा।
बरसी के बरखा बहावे मोर कजरवा।
तरसे तोहे निरखे मोर पियासल नजरिया।
चला लुटल जा सावन के लहरिया।
बीती जाल दिनवा कसहूँ रतिया ना बितेले।
नागिन जस डँसे हिया दरदिया खूब उठेले।
काहे भुलाइल बाड़ा पिया जाइके बहरिया।
चला लुटल जा सावन के लहरिया।

