भावनाओं का खेल
भावनाओं का खेल
भावनायें मन में ऐसी हो किसी को ना
पहुंचाये ठेस ऐसी हो,
कोई चाहे ना चाहे आपको पर सब के
लिए एक जैसी हो,
देखना एक दिन सब आपके होंगे
ये भावनाओं का खेल
दिलों का मेल अनोखा होगा।
हर एक शख्स आपका अपना होगा।
थोड़ा समय जरूर लगेगा पर सब अच्छा होगा ।
भावनाओं पर नियंत्रण नहीं होता हम जानते हैं
लेकिन हुआ तो मंजर अनोखा होगा।
भावनाओं का खेल है जब होगा तो हर
एक शख्स आपका अपना होगा।
