भारत की आज़ादी का शुभ मंगल
भारत की आज़ादी का शुभ मंगल
युवा चेतना की ललकार माँ भारती की पुकार राष्ट्र जगृति का शंखनाद
युवा ओज की जय जय कार।।
बागी बलिया का लाल जनपद बलिया
उत्तर प्रदेश का नगवा गांव गुलामी की जंजीरों का प्रतिकार दिवाकर पांडेय
की संतान मंगल पांडेय नाम।।
उन्नीस जुलाई सन उन्नीस सौ सत्ताईस जन्मा माँ भारती की वेदना
गर्जना का लाल ईस्ट इंडिया कम्पनी सेना का सिपाही हृदय आज़ादी
की ज्वाला अंगार।।
कारतूस पर चर्वी से उठ खड़ा विवाद
मंगल पांडेय का आगाज़ नहीं तोड़ेगा चर्वी के कारतूस कोई जवान।।
गोरा अड़ गया उसको दम्भ देखे कैसे नहीं सिपाही
कारतूस का करते इस्तेमाल।।
मंगल पांडेय ने किया इनकार गोरों का दमन प्रतिकार
मंगल पांडेय ने भरी हुंकार दिया दंड गोरों को गिरने लगी
लाश पर लाश।।
एक एक करके तीन गोरों को मंगल पांडेय ने दिखा दिया कब्रिस्तान
बौखलाहट में अंग्रेजों ने मंगल को बंदी करने हुक्म फरमान ।।
माँ भारती के वीर सपूतों ने मंगल को पकड़ने से किया इनकार
अंग्रेजी टुकड़ी ने मंगल को घेर किया गिरफ्तार ।।
बंदी मंगल पर न्याय न्यायालय की
चाबुक की मार सज़ा हुई फांसी की मंगल को नहीं कोई मलाल।।
फांसी का फंदा जैसे माँ भारती
की सेवा सौगात माँ की चरणों
का आशीर्वाद।।
वीरों की धरती युवा ओज बलिदानी
धरती बागी बलिया वीरों की बलिया
मंगल पांडेय के आदर्श त्याग बलिदानों
का अभिमान।।
जब रहेगा युग ब्रह्मांड बलिया का
शेर युवा तेज के बलिदानों की प्रातः
सांध्य दिवस निशा का सूरज चाँद।।
स्थूल भाव में भले नहीं जिंदा जन
जन मन मे राष्ट्र का इतिहास वर्तमान
मंगल पांडेय प्रेरक प्रेरणा युवा उत्कर्ष
अभिमान।।
