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V. Aaradhyaa

Inspirational

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V. Aaradhyaa

Inspirational

भारत के प्रहरी

भारत के प्रहरी

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भारत दुश्मन से कभी न हारा, सदा अपने ही शकुनि जयचंदों से हारा...।

मखशाला से जैसे,चोरी चोरी कुत्ते हवि चुराते हैं

भारत के यज्ञ प्रहरी,वैसे ही उन्हें डंडे मार भगाते हैं 

पावन हवि न ले पाओगे, भोंक- भोंक कर रोते रहना

हैं सिंह बाघ हम, सदा ही शिकार मार कर खाते हैं 

भारत में भी कुछ श्वान, तुम्हारे पले हुए हैं

वे राष्ट्र की असीम, शौर्य शक्ति से जले हुए हैं

हम में है शक्ति असीमित,सब श्वानों को साथ - साथ दफनाएंगे

कभी मंसूबे पूर्ण न होंगे उनके,जो दुश्मन से हमारे मिले हुए हैं......


     


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