भारत भूमि
भारत भूमि
जन्मस्थली-कर्मस्थली हमारी है
प्राणों से भी प्यारी भारत भूमि हमारी है।
जन्मभूमि राम-कृष्ण नानक की
अति पावन धरा हमारी है
प्राणों से भी प्यारी भारत भूमि हमारी है।
पले-बढ़े हम इसी धरा पर
घर-आंगन धरा हमारी है
प्राणों से भी प्यारी भारत भूमि हमारी है।
कल-कल निनाद करती यहां नदियां
शस्य-श्यामला धरा हमारी है
प्राणों से भी प्यारी भारत भूमि हमारी है।
कहीं पर होती आरती-अजान
कहीं गूंजती गुरुवाणी है
प्राणों से भी प्यारी भारत भूमि हमारी है।
