भाईचारा
भाईचारा
कुछ मेरी गलती, कुछ तुम्हारी
न तुमने अपनी मानी न मैंने अपनी
तुम भी सही, मैं भी ठीक
फिर मनमुटाव कैसे हो गया
पूरी दुनियां और दुनियां के लोग
सब अपनी जगह ठीक, कोई गलत नहीं
फिर दुनियां विश्व युद्ध की कगार पर कैसे पहुँच गई.
कहीं तो कोई गलत होगा
कोई कम होगा कोई ज्यादा
अच्छा हो कि स्वीकारें और सुधारें
बहुत हो गया टकराव,
बहुत हो गई नादानियां
चलो सब भूलकर पिछला,
नई शुरुआत करें
आओ मिल बैठकर शांति,
प्रेम भाइचारे की बात करें।
