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Ankita Bhargava

Inspirational

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Ankita Bhargava

Inspirational

बेख़ौफ़ सी एक परवाज़

बेख़ौफ़ सी एक परवाज़

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एक लड़की हूँ मैं

हज़ार बंधनों में जकड़ी हूँ मैं

तो क्या

हैं कुछ ख्वाहिशें भी मन में मेरे

सजाये हैं कुछ सपने भी नयनों ने मेरे

तोड़ कर बंधन ये सारे

उड़ना चाहे हवाओं संग

बावरा ये मन मेरा

नील गगन में बादलों की तरह

जो ना हो कोई चील

जो ना हो कोई बाज़

तो ले लूँ मैं भी

बेख़ौफ़ सी एक परवाज़

पंछियों की तरह

बनकर कोई खुशबूदार झोंका हवा का

चाहे मन मेरा महका दूँ

घर आँगन अपना

किसी चमन की तरह

मिटा दूँ हर अंधेरा और

कर दूँ रोशन ये सारा जहाँ

फिर चाहे हो जाऊँ ख़ुद फ़ना

एक शमा की तरह


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