STORYMIRROR

Anjali Singh

Romance

3  

Anjali Singh

Romance

बेचैनियाँ

बेचैनियाँ

1 min
270

बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है,

साँसें थम सी गयी है।


अब तो दिल होश में

होकर भी होश में नहीं,

जब से तेरा दीदार है हुआ,


पतंगे की तरह

हालत हो गयी है मेरी,

जब से तेरा दीदार है हुआ,


बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है

बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance