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Harish Bhatt

Inspirational


4.3  

Harish Bhatt

Inspirational


बचपन

बचपन

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मैंने देखा है

रोते – बिलखते,

हंसते - मुस्कराते

बच्चों को 

फुटपाथ पर

सिमटे हुए 

माँ के आँचल में

सूनी निगाहों से 

ताकते हुए


न जाने,

क्या सोचते होगें वो

मैंने सुना है,

बच्चे होते हैं


हमारा भविष्य

सोच लेता हूँ कि

हम भी कभी थे बच्चे

तो क्या यही है

हमारा भविष्य

लगता है डर


न जाए क्या होगा

इन बच्चों की

जो रोते हैं

हर अपनी बेबस 

माँ के आँचल में

मैंने देखा है


मासूम बच्चों को

रोते – बिलखते,

हँसते- मुस्कराते।


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