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Brajendranath Mishra

Inspirational

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Brajendranath Mishra

Inspirational

बच्चे रहें खुशहाली से

बच्चे रहें खुशहाली से

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बच्चे रहें खुशहाली से


बच्चे कर रहे तड़ाग में जमकर जल विहार,

गर्मी के मौसम में यही राहत और सम्हार।


सूरज ऊपर तप रहा, सोखे ताल तलैया को,

पानी की बूंदे दे दो, फुदक रही गोरैया को।


गर्म हवाओं से जल रहे धरती और गगन,

बाहर निकलने के पहले ढंके सिर और बदन।


छाछ पियें, आमरस पीएं और पियें जल जीरा,

मस्त मेलन, तरबूज और खाएँ ककड़ी खीरा।


सूखने दो समंदर को, और बनने दो बादल,

दौड़ लगाएंगे पावस में, बरसें बूंदे छल छल।


पेड़ लगाओ, करो धरा को आच्छादित हरियाली से,

पर्यावरण स्वच्छ, निर्मल हो, बच्चे रहें खुशहाली से।


©ब्रजेंद्रनाथ


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