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OM Maind

Abstract

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OM Maind

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बातें

बातें

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ये तो प्रेम की बात है उद्धव

बंदगी तेरे बस मे नही हे

यहा सर दे के होते हे सोदे

आशिकी इतनी सस्ती नही है ये तो.....

 

प्रेम वालो ने कब वक्त पुछा

इन की पूजा मे सुनले रे उधव

यहाँ दम दम पे होती हे पुजा

सर झुका ने की फुरसत नहीं है ये तो..... 


जिनकी नजरों में है श्याम प्यारे

वो तो रहते है जग से निराले

जिनकी नजरों में मोहन समाये

वो नजर फिर तरसती नहीं है ये तो......     


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