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OM Maind

Abstract

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OM Maind

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शेरा वाली

शेरा वाली

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शेरा वाली संसार मे कोई न सूखी

कोई न सुखी हे माया कोई न सुरती शेरा वाली

 एक राम सुखी एक लक्ष्मण सुखी 

 

लख वन को चले ती भी दु खी

ओ भो दु खी ओ माया ओ भी

दु खी जब मन को चले तो..... 

  एक चंदा सुखी एक सुरज सुखी 

जब ग्रहण लागले तो तो भी दु खी जब धहन

 

एक गंगा सुखी एक जमुना सुखी

जब सुखी लगी तो तो भी दु खी ओ भी दु खी

  

एक रावण सुखी एक हनुमान सुखी

जब करा जली तो वो भी दखी


एक किल्ला सुखी एक पांडव सुखी

जन महाभारत खिडी तो वो भी दु खी


एक भक्त सुखी एक संत सुखी 

जव दर्शन वो मिला तो लो भी दु खी

ओ भी दु खी औ मैया औ भी 

दु खी जब दर्शन न मिला तो...... 


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