STORYMIRROR

Nishtha Grover

Romance

2  

Nishtha Grover

Romance

बात..!!!

बात..!!!

1 min
244

क्यों कहें वो बात जो हम खुद से खफा हो जाएं ,

क्या तुम नहीं जानते? क्या कहेंगे हम क्या कहोगे तुम?


बहुत सलीका है तुम्हें बात करने का.. तो चलो बात करो तुम,

कहनी बहुत शिकायतें है तुम्हें , तो चलो बात करें हम

जो मरासिम ही पहले जैसे ना रहे, क्या वो भी बात कहोगे तुम?


सीख आए हैं अब हम भी बात करना,

क्या अब मेरे जज़्बात सुनोगे तुम?


करनी है और कहनी है, बहुत बातें कहनी है

जो कभी ना कह सके, क्या वो सुन सकोगे तुम?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Nishtha Grover

बात..!!!

बात..!!!

1 min पढ़ें

खुश..!!!

खुश..!!!

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Romance