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Neetu Tyagi

Inspirational

4.7  

Neetu Tyagi

Inspirational

बारिश में भीगे मन तो

बारिश में भीगे मन तो

1 min
423


बारिश की चंद बूंदे

ही काफी है मन को

बहलाने के लिए

तूफान की जरूरत नहीं

स्वयं को डराने के लिए

जीवन का हर क्षण

ले आता एक नया डर।


डर जल्दी मरने का

डर मन से ना जी पाने का

डर अपने को खो देने

डर अपनों में गैरों को पाने का।

बारिश की हर एक बूंद

भिगो देती हर एक डर को


बहा ले जाती हर अगर मगर को

उमंग भरे मेघा को

ले जाने दो बेजान तपिश को

बरसे जब मेघा तो

धुल जाए सब डर तो।


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