STORYMIRROR

Rahul Molasi

Inspirational

2  

Rahul Molasi

Inspirational

बापू तुमसे ही सीखा है

बापू तुमसे ही सीखा है

1 min
215

बनो सहारा दुर्बल का

और शक्तिहीन का शस्त्र बनो

बनो पथिक तुम सत्य का

और निर्बल कि आवाज़ बनो

उद्देश्य यही हो जीवन का

कि बापू का प्रतिरूप बनो


बनो कंधा तुम रोते का

और बंदुहिन का मित्र बनो

बनो ध्वजा तुम सद्भाव का

और अधीनों का स्वराज बनो

उद्देश्य यही हो जीवन का

कि बापू का प्रतिरूप बनो


बनो साहस तुम डरते का

और शरणागत का विश्वास बनो

बनो प्रतिक तुम अहिंसा का

और धैर्यहीन का धैर्य बनो

उद्देश्य यही हो जीवन का

कि बापू का प्रतिरूप बनो



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational