STORYMIRROR

Bhumika Goriyaan

Crime Others

3  

Bhumika Goriyaan

Crime Others

बाल विवाह

बाल विवाह

1 min
180

एक छोटी सी चिड़िया हूं ,

मत बांधो मुझे इस बंधन में।

हर सपने को साकार बनाकर,

ऊंचा उड़ना है नील गगन में।


इस नन्हे से फूल को,

इतने बंधनों में बांध दिया।

ना जाने दुनिया वालों,

तुमने ये कैसा रिवाज बना दिया।


इन हाथों में कॉपी पेन की जगह,

घर की चाबियाँ थमा दी।

इस नन्ही सी चिड़िया को,

किसी के घर की बहू बना दी।


अभी उम्र नहीं है,

मेरी विवाह करने की।

इस छोटी सी गुड़िया की,

उम्र है लिखने पढ़ने की।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Bhumika Goriyaan

Similar hindi poem from Crime