STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Abstract

3  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Abstract

बाकी हैं

बाकी हैं

1 min
164

अनजान धड़कने गाए गीत

संगीत जीवन का बाकी है


कहने को तो लफ्ज़ बाकी नहीं

बस दिल में इक एहसास बाकी है


आंखों के आंसू सूख चुके हैं

दिल का हंसना बाकी है


बिछड़ने का गम है ना जाने क्यों,

अभी तो मिलना बाकी है


कांटो की चुभन में दर्द नही अब

फूलों में खुशबू अब बाक़ी है


तेरे जाने का अफसोस नहीं

तेरा लौटना अभी बाकी है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract