Dr Manisha Sharma
Abstract
तुमने चाहा, हँस दी मैं
तुमने चाहा, रो दी मैं
तुम कहो तो दिन मेरा
तुम कहो तो मेरी रात
ये मेरी बात तेरी बात
सब है केवल तेरी बात
सारी बात तेरी बात
इसमें मेरी क्या औकात।
तुम से मैं हू...
नीलवर्णी प्रे...
पहचान
तिजोरी
ना करो इतना प...
अद्वैत
प्रेमकभी मरता...
उसने प्रेम कि...
दोस्त
यादें
पचपन के बाद भी शेष बचा है बचपन । बच्चों के संग खेलें हम बैडमिंटन , लूडो और कैरम । पचपन के बाद भी शेष बचा है बचपन । बच्चों के संग खेलें हम बैडमिंटन , लूडो और कै...
दिल भूल नहीं पाता है यादों की गलियों में जब दिल जाता है दिल भूल नहीं पाता है यादों की गलियों में जब दिल जाता है
रात चाँद और शहर मैं अपनी धुन का शायर। रात चाँद और शहर मैं अपनी धुन का शायर।
जिंदगी ऐसी सहेली है। जो हररोज नई पहेली है। जिंदगी ऐसी सहेली है। जो हररोज नई पहेली है।
मत रख आशाएं ऐ दिल क्यूँ गमों को बुलाएगा। मत रख आशाएं ऐ दिल क्यूँ गमों को बुलाएगा।
सब बेबसी के मारे है,अनदेखा अनजाना सा हैं। सब बेबसी के मारे है,अनदेखा अनजाना सा हैं।
मेरे अंदर एक मन रहता मनमौजी बन थिरकता रहता। मेरे अंदर एक मन रहता मनमौजी बन थिरकता रहता।
तुलसी विवाह सह प्रिय बंधन, जीवन शुभ सुखदाता। तुलसी विवाह सह प्रिय बंधन, जीवन शुभ सुखदाता।
जीवन भर पाने खोने के बीच जीता रहा और खाली हाथ हीं रह गया। जीवन भर पाने खोने के बीच जीता रहा और खाली हाथ हीं रह गया।
यौवन ढल यहां जैसे मेरी मुट्ठी मैं रेत यौवन ढल यहां जैसे मेरी मुट्ठी मैं रेत
ऐसे ही न मिल जाना तुम तुममें मैं घुलमिल जाऊंगा। ऐसे ही न मिल जाना तुम तुममें मैं घुलमिल जाऊंगा।
बुढ़ापा प्रमाणों से सजा हुआ उपहार है। बुढ़ापा प्रमाणों से सजा हुआ उपहार है।
तेरा साथ मिला जब से तो जीवन मेरा संवर गया। तेरा साथ मिला जब से तो जीवन मेरा संवर गया।
रंगोली में प्यार के रंग मिलाकर उसे शोभायमान बनाएँगे, रंगोली में प्यार के रंग मिलाकर उसे शोभायमान बनाएँगे,
बदलती हुयी दुनिया और अपने घर लौटता हुआ आदमी। बदलती हुयी दुनिया और अपने घर लौटता हुआ आदमी।
पेड़ पे गिलहरी उछलकूद करने है लगी आज मौसम कर रहा मांग गुनगुनाने का। पेड़ पे गिलहरी उछलकूद करने है लगी आज मौसम कर रहा मांग गुनगुनाने का।
गीत नवल तब मेरे होंगे, नूतन स्वर भी मेरा होगा। गीत नवल तब मेरे होंगे, नूतन स्वर भी मेरा होगा।
कहने को ये सब है पाँच हरदम चलते हमारे साथ। कहने को ये सब है पाँच हरदम चलते हमारे साथ।
हम भले ही मरेंगे पर अवश्य युद्ध लड़ेंगे। हम भले ही मरेंगे पर अवश्य युद्ध लड़ेंगे।
छांव में अपने हरदम रखना, ध्यान मेरा तुम हर -पल रखना।। छांव में अपने हरदम रखना, ध्यान मेरा तुम हर -पल रखना।।