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Antariksha Saha

Abstract

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Antariksha Saha

Abstract

अपने पराए

अपने पराए

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दिल ने जिन्हे अपना कहा लोग वो पराए निकले

जिनसे उम्मीद ना थी लोग वो हमसाए निकले

जिंदगी मे अभी किसी के आने जाने की पाबंद नही

खुदा तेरी कारिस्तानी अभी समझ आई हम तो उनसे रूठे हुए थे.



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