STORYMIRROR

SNEHA NALAWADE

Abstract

4  

SNEHA NALAWADE

Abstract

अंत में सब ठीक होगा

अंत में सब ठीक होगा

1 min
232

कहने के लिए अब कुछ ही घंटे बाकी है

नया साल आने के लिए

बहुत सी चीजें हम तय करते हैं क्या करना है


पर क्या हम असल जिंदगी में इनहे कर पाते हैं

या वो सिर्फ कहने के लिए बचे है सब

कई बार एेसा होता है कि हम कहते कुछ और

हैं और करते कुछ और


कही ना कही हम उसे अपने जीवन में

सही तरीके सेअपनाते नहीं है

या तो आप कोई संकल्प मत लो

अगर लेते हो तो उसे अंत तक निभाओ


मेरे खुद का अगर मै कहु तो

मैंने कोई संकल्प नहीं लिया इसलिए की

मै जानती हू की आप सब मेरे साथ हमेशा रहेगे

फिर मुझे किस और की किसलिए चिंता

अंत में सब ठीक ही होगा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract