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NIKESH DESAI

Tragedy

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NIKESH DESAI

Tragedy

Anath - Ek Anchaha Dard

Anath - Ek Anchaha Dard

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अओ आज तुम्हे बगीचे की सैर कराऊँँ,

यहाँ बसी नन्ही नन्ही कलियों से तुम्हे मिलाऊँं,

इन कलियों का ना कोई नाम है ना कोई धर्म,

अओ आज तुम्हे अनाथालय ले जाऊँ.            

देखिये इन नन्हे नन्हे बच्चों कि आँखों में,

क्या तुम्हे कोई सपने नज़र आतें हैं?

आओ तुम्हे उनकी सपनो कि नगरी दिखाऊँ,

अओ आज तुम्हे अनाथालय ले जाऊँ.

क्या कसूर था इन बच्चों का,

जो उन्हें इस तरह से जीना पड़ रहा है?

मेरे माँ बाप होगे भी या नहीं, 

यही सोच में उनका बचपन सिकुड़ रहा है

आओ तुम्हे उन आंसुओ में भीगी, इक खोज से मिलाऊँँ,

अओ आज तुम्हे अनाथो के बिच ले जाऊँ.

यह हर दिन हर लम्हा यही कहते हैं,

“ क्या हम किसी कि गलती कि निशानी है, किसी के दिल का बोझ,

क्या हम किसी के मौज का परिणाम हैं, या किसी कचरे की खोज.”

आओ तुम्हे उस कीचड़ में खिले कमल कि कलियों से मिलाऊँ,

आओ आज तुम्हे अनाथ कि दुनिया दिखाऊँ.

यह हर पल हर वक्त यही सोचते हैं,

“माँ तुम्हारा भी जी जला होगा जब मेरे नाजायज बाप ने मुझे ठुकराया होगा,

जब तुम्हारी कोख में मैं पल रहा था तब तुम्हे अपने आप पर गुस्सा आया होगा.

मुझे मंदिर या चर्च कि सीढ़ियों पर छोड़ते समय तुम्हारे भी हाथ काँपे होगे 

क्युकी तुम्हे भी किसी ने समाज के नाम पर डराया होगा.”

“हम में से किसी एक को किसी न किसी ने कचरे से उठाया होगा,

उस कचरे कि ढेर में हमे देख कर भगवान भी घबराया होगा.

तुम लोगों ने एक बार भी यह नहीं सोचा, इसका बाद हमारा क्या होगा,

तुम तो फेंक कर चल दिए, हमे तो इस कचरे में भी जीना होगा.”

“बाकी बच्चों कि तरह हमारा भी जी करता है, हम भी किसी के घर का चिराग बने,

बेटा हो या बेटी, हम भी किसी कि लोर्रियों का राग बने.

आतें है कुछ बरसों में एक बार ऐसे माँ बाप जिन्हें संतान नसीब होती,

खुशी से झूम उठाते है हम, चलो हम इसके परिवार का भाग बने.”

“किसी दुश्मन को भी ऐसी किस्मत नसीब ना हो, यही दुआ हम करते हैं,

हमारे माँ बाप जहा कही भी हो, सही सलामत रहे , यही कामना करते हैं.

आज नहीं तो कल कोई न कोई हमे दत्तक ले ही लेगा,

किसी न किसी को कुत्ते बिल्लिओ क आलावा हम जैसे बच्चो में भी रस होगा.

कुछ न हुआ तो बस उम्रभर यही शिकायत करते रहते है,

क्या कसूर था हमारा कि लोग हम बदनसीब को अनाथ कहते हैं.”

अओ आज तुम्हे माँ बाप कि कद्र समझाऊँ,

‘माँ बाप का प्यार नसीब वालों को ही मिलता है’,

इस सच्चाई से तुम्हे रूबरू कराऊँँ,

अओ आज तुम्हें अनाथ होने के दर्द का एहसास कराऊँँ.

‘’माँ बाप का प्यार नसीब वालों को ही मिलता है,

अगर आपकी किस्मत में माँ-बाप का प्यार हो,

तो उसकी कद्र करना दोस्तों...

वरना उन बच्चों के बारे सोचना जिसे माँ बाप को देखना तक नसीब नहीं होता!’’


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